✎ नशीली दवाओं के खिलाफ तीन स्तरीय रणनीति में उत्पादन, परिवहन और खपत क्षेत्रों पर अलग-अलग ध्यान दिया जाएगा।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance
हिमाचल प्रदेश के शिमला में नशीले पदार्थों के खिलाफ केंद्र सरकार की तीन स्तरीय रणनीति लागू की जाएगी, जिसमें जिलों को उत्पादन/प्रवेश, परिवहन और खपत के आधार पर वर्गीकृत किया जाएगा। दिल्ली में आयोजित एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) प्रमुखों के राष्ट्रीय सम्मेलन में इस रणनीति को मंजूरी दी गई है, जिसमें हिमाचल के गृह सचिव भी शामिल हुए। इस व्यवस्था के तहत बाहरी राज्यों से आने वाले मार्गों, स्थानीय आपूर्ति तंत्र और खपत वाले क्षेत्रों पर एक साथ निगरानी बढ़ाने के लिए अलग-अलग योजनाएं बनाई जाएंगी। विशेष रूप से पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ से जुड़े क्षेत्रों पर ध्यान दिया जाएगा, जहां नशीले पदार्थों के तस्करी मार्ग अधिक सक्रिय हैं। दूरदराज के इलाकों में अवैध अफीम और भांग की खेती पर भी कड़ी नजर रखी जाएगी।
इस रणनीति में पुलिस के साथ राजस्व, शिक्षा और तकनीकी विभागों की भी भूमिका तय की गई है। गांव के पटवारी से लेकर मुख्य सचिव तक को अलग-अलग स्तरों पर जिम्मेदारी सौंपी जाएगी, जबकि शिक्षा विभाग स्कूलों में नशे के प्रति जागरूकता फैलाने का काम करेगा। नशीले पदार्थों की जब्ती के बाद मुकदमे को सजा तक पहुंचाने के लिए जांच अधिकारियों और सरकारी वकीलों के बीच समन्वय बढ़ाया जाएगा। इसके अलावा, डिजिटल लेनदेन और इंटरनेट आधारित माध्यमों से होने वाली तस्करी पर भी तकनीकी विशेषज्ञों की मदद से नजर रखी जाएगी। पर्यटन क्षेत्रों में वीजा अवधि से अधिक समय तक रहने वाले विदेशी नागरिकों की भी निगरानी बढ़ाई जाएगी, ताकि बाहरी नेटवर्कों पर नियंत्रण रखा जा सके।
यह रणनीति न केवल समाज में नशे के बढ़ते प्रभाव को रोकने में मदद करेगी, बल्कि कानून व्यवस्था को मजबूत करने और आर्थिक अपराधों को नियंत्रित करने में भी सहायक सिद्ध होगी। बैंकिंग परीक्षाओं में इससे संबंधित प्रश्न राष्ट्रीय सुरक्षा, कानून व्यवस्था और सरकारी नीतियों के अंतर्गत पूछे जा सकते हैं, जबकि
स्रोत: amarujala.com
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