✎ कक्षा 9 में तीन भाषाओं की अनिवार्य नीति बहुभाषी शिक्षा को बढ़ावा देती है किंतु इसके कार्यान्वयन और राज्यों के हितों पर विचार आवश्यक है।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance
सुप्रीम कोर्ट आज सीबीएसई की उस नीति को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई करेगा जिसमें कक्षा 9 के छात्रों के लिए तीन भाषाओं का अध्ययन अनिवार्य किया गया है। इस नीति के अनुसार, छात्रों को कम से कम दो भारतीय भाषाओं सहित तीन भाषाओं का अध्ययन करना होगा, जिसमें विदेशी भाषा को तीसरी भाषा के रूप में शामिल करने का विकल्प भी दिया गया है। याचिकाकर्ताओं का तर्क है कि यह नीति छात्रों पर अतिरिक्त बोझ डाल सकती है तथा कुछ राज्यों की भाषा नीतियों से टकरा सकती है, जबकि सीबीएसई का कहना है कि यह नीति राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के अनुरूप भारतीय भाषाओं को बढ़ावा देने और बहुभाषी शिक्षा को मजबूत करने के लिए बनाई गई है। इस मामले में कोर्ट ने केंद्र, सीबीएसई और एनसीईआरटी से जवाब मांगा है तथा छात्रों पर पड़ने वाले अतिरिक्त पढ़ाई के दबाव पर चर्चा की है।
यह मामला बैंक पीओ, आईबीपीएस, एसबीआई, आरबीआई ग्रेड बी तथा एसएससी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे देश की शिक्षा नीति, राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020, और सीबीएसई तथा एनसीईआरटी की भूमिका से संबंधित प्रश्न पूछे जा सकते हैं। इसके अतिरिक्त, इस नीति के कारण उत्पन्न विवाद और न्यायिक हस्तक्षेप के माध्यम से संघीय ढांचे, राज्य बनाम केंद्र के अधिकार, तथा नीति निर्माण प्रक्रिया जैसे विषयों पर भी सवाल उठाए जा सकते हैं। ऐसे मामलों से संबंधित प्रश्न सामान्य जागरूकता तथा करेंट अफेयर्स सेक्शन में पूछे जाने की संभावना रहती है, जिससे उम्मीदवारों को देश की शिक्षा प्रणाली और उसके कानूनी पहलुओं की समझ विकसित करने में मदद मिलती है।
स्रोत: amarujala.com
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