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State of border with China will reflect on state of bilateral ties: India — labelled illustration
3D cutaway: State of border with China will reflect on state of bilateral ties
3D cutaway: State of border with China will reflect on state of bilateral ties

Ministry of External Affairs  ·  Bilateral ties  ·  Border disputes  ·  China's criticism

✎ भारत-चीन सीमा विवाद द्विपक्षीय संबंधों का प्रमुख कारक है और एलएसी पर शांति बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है।

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भारत ने मंगलवार को कहा कि चीन के साथ सीमा की स्थिति द्विपक्षीय संबंधों की व्यापक स्थिति को प्रतिबिंबित करेगी। विदेश मंत्रालय (एमईए) के प्रवक्ता रणधीर जयसवाल ने एक नियमित संवाददाता सम्मेलन में बताया कि लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (एलएसी) पर शांति और स्थिरता बनाए रखना अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि सीमा संबंधी मुद्दों पर भारत का दृष्टिकोण चीन के साथ हुई चर्चाओं में स्पष्ट किया गया है और एलएसी पर स्थिति द्विपक्षीय संबंधों पर प्रभाव डालेगी। इससे पहले पिछले सप्ताह आयोजित भारत-चीन सीमा मामलों पर परामर्श और समन्वय तंत्र (डब्ल्यूएमसीसी) की बैठक में दोनों पक्षों ने एलएसी पर स्थिति की समीक्षा की और शांति बनाए रखने पर जोर दिया।

एमईए ने चीन के अरुणाचल प्रदेश में 27 स्थानों के मानक नामकरण के विरोध पर भी प्रतिक्रिया व्यक्त की और कहा कि अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा है। प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि सीमा क्षेत्रों में शांति बनाए रखना द्विपक्षीय संबंधों के विकास के लिए आवश्यक है। दोनों देशों ने 2020 में गलवान घाटी संघर्ष और उसके बाद चार साल तक चले सैन्य गतिरोध के बाद संबंधों को सुधारने के लिए कई कदम उठाए हैं, जिसमें हाल ही में लद्दाख के डेपसांग और डेमचोक जैसे विवादित क्षेत्रों से सैनिकों को पीछे हटाने का समझौता भी शामिल है।

स्रोत: The Hindu


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