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Supreme Court to examine Bar Council’s authority to regulate legal education — concept mind map
बीसीआई का अधिकार क्षेत्रनियामक भूमिकाविशेषज्ञतानियंत्रण का दायराविधि शिक्षा पर नियंत्रणविधि शिक्षा के विवरण निर्धारित करने मेमार्गदर्शनसामान्य दिशानिर्देश (जैसे पाठ्यक्रम अवविशिष्ट विवरण निर्धारित करने में असमर्विशेषज्ञताविधिक पेशे का नियामकविधि शिक्षाविदों द्वारा विशेषज्ञतानियामक अधिकारविधि शिक्षा पर पूर्ण नियंत्रणविधि शिक्षा के विशेष पहलुओं पर सीमित अ
बीसीआई का अधिकार क्षेत्र

✎ सुप्रीम कोर्ट बीसीआई के कानून शिक्षा नियंत्रण अधिकार पर पुनर्विचार कर रहा है, जिससे विशेषज्ञ निकायों को प्राथमिकता दी जा सकती है।

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प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity

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सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार (23 सितंबर, 2026) को बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) की कानूनी शिक्षा को नियंत्रित करने की शक्ति की जांच करने का फैसला किया है। मुख्य न्यायाधीश डी. वाई. चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली तीन न्यायाधीशों की पीठ ने सवाल उठाया कि बीसीआई, जो कानूनी पेशे का नियामक है, कानूनी शिक्षा के विशेषज्ञ कैसे हो सकता है, जबकि इसके लिए डोमेन विशेषज्ञ और कानूनी शिक्षाविद मौजूद हैं। पीठ ने कहा कि बीसीआई कानूनी शिक्षा की अवधि जैसे सामान्य दिशानिर्देश बना सकता है, लेकिन शिक्षा की बारीकियों को तय करने का अधिकार नहीं रखता। यह मामला बीसीआई द्वारा स्थापित पीयरल फर्स्ट ट्रस्ट और गोवा में स्थापित इंडिया इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ लीगल एजुकेशन एंड रिसर्च (आईआईयूएलईआर) से संबंधित याचिका पर सुनवाई के दौरान उठा। याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया कि बीसीआई कानून विश्वविद्यालयों की स्थापना और प्रबंधन में शामिल होकर अपने नियामक भूमिका के साथ संघर्ष कर रहा है, जिससे कानूनी शिक्षा की निष्पक्षता प्रभावित हो रही है।

इस मामले की प्रासंगिकता बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण है। बीसीआई की भूमिका और कानूनी शिक्षा के विनियमन पर सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला संविधान के अनुच्छेद 21 (शिक्षा का अधिकार) और अनुच्छेद 32 (संवैधानिक उपचार) के तहत न्यायिक सक्रियता के सिद्धांत को रेखांकित करता है। इसके अलावा, यह मामला शासन व्यवस्था, संघर्ष के सिद्धांत (conflict of interest) और स्वायत्त संस्थानों के प्रबंधन जैसे विषयों को भी छूता है, जो सामान्य अध्ययन के पाठ्यक्रम में शामिल हैं। बैंकिंग परीक्षाओं में जहां नियमन और प्रशासनिक ढांचे से संबंधित प्रश्न पूछे जाते हैं, वहीं एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी में भी संवैधानिक प्रावधानों और न्यायिक निर्णयों के आधार पर प्रश्न बनाए जा सकते हैं। इस प्रकार, यह मामला न केवल कानूनी शिक्ष

स्रोत: The Hindu


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