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स्वच्छता कार्य से लेकर वित्तीय सुरक्षा तक, कर्णति श्रीनिवास राव की यात्रा — concept mind map
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स्वच्छता उद्यमी योजना

✎ स्वच्छता उद्यमी योजना से स्वच्छता कर्मचारियों को स्थायी आजीविका एवं वित्तीय सुरक्षा मिल रही है।

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स्वच्छता कार्य से लेकर वित्तीय सुरक्षा तक, कर्णति श्रीनिवास राव की यात्रा एक ऐसी प्रेरणादायक कहानी है जो सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की ‘नमस्ते योजना’ के अंतर्गत ‘स्वच्छता उद्यमी योजना’ की सफलता को दर्शाती है। विजयवाड़ा नगर निगम में कार्यरत 53 वर्षीय सफाई कर्मचारी श्री राव ने बचपन में आर्थिक तंगी के कारण शिक्षा बीच में छोड़नी पड़ी और 2008 में मात्र 2,500 रुपये मासिक वेतन से अपने करियर की शुरुआत की। उनकी सीमित शैक्षणिक योग्यता के कारण उच्च आय के अवसरों तक पहुंच मुश्किल थी, जिससे उनके परिवार को आर्थिक संघर्ष का सामना करना पड़ा। हालांकि उनकी आय बाद में बढ़कर 22,500 रुपये हो गई, फिर भी नियमित खर्चों और अप्रत्याशित व्ययों के कारण वित्तीय स्थिरता बनाए रखना चुनौतीपूर्ण बना रहा। 21 अगस्त 2025 को, उन्हें ‘स्वच्छता उद्यमी योजना’ के तहत चार अन्य सदस्यों के साथ मिलकर 50 लाख रुपये की परियोजना के लिए 31.25 लाख रुपये का ऋण और 18.75 लाख रुपये की पूंजी सब्सिडी प्राप्त हुई, जिससे उन्होंने ‘गुलफर 8 केएल डिसस्लजिंग वाहन’ खरीदा। इस पहल से उन्हें मशीनीकृत स्वच्छता सेवाएं शुरू करने और अतिरिक्त 10,000 रुपये मासिक आय अर्जित करने का अवसर मिला, जिससे उनकी कुल आय 32,500 रुपये हो गई। इस अतिरिक्त आय ने उनके जीवन स्तर में सुधार किया, उन्हें बचत करने और भविष्य के लिए आत्मविश्वास के साथ योजना बनाने में मदद की।

यह घटना बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अत्यंत प्रासंगिक है, क्योंकि यह सरकारी योजनाओं, वित्तीय समावेशन, कौशल विकास और सामाजिक सुरक्षा जैसे विषयों को केंद्र में रखती है। ‘नमस्ते योजना’ जैसी पहलों के माध्यम से सरकार स्वच्छता कर्मियों जैसे असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को संगठित करने, उन्हें वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराने

स्रोत: PIB (Press Information Bureau)


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