
✎ तमिलनाडु निजी विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक 2026 में निजी विश्वविद्यालय स्थापना के नियमों में ढील दी गई है, जिसे राज्यपाल द्वारा स्पष्टीकरण हेतु रखा गया है।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity
राज्यपाल आर. वि. अरलेकर ने तमिलनाडु सरकार से तमिलनाडु निजी विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक, 2026 के कुछ प्रावधानों पर स्पष्टीकरण मांगा है। हाल ही में विधानसभा द्वारा पारित इस विधेयक में निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना के लिए न्यूनतम भूमि आवश्यकता को कम करने का प्रस्ताव है। वर्तमान अधिनियम, 2019 के अनुसार, निजी विश्वविद्यालय के लिए 100 एकड़ भूमि अनिवार्य है, जबकि संशोधन विधेयक में इसे चेन्नई नगर निगम क्षेत्र में 12 एकड़, अन्य नगरपालिका क्षेत्रों में 18 एकड़ और शेष क्षेत्रों में 25 एकड़ करने का प्रस्ताव है। इसी प्रकार, ₹50 करोड़ की स्थायी निधि की अनिवार्यता को घटाकर ₹25 करोड़ करने का प्रस्ताव है। विपक्ष का आरोप है कि यह विधेयक शिक्षा के व्यावसायीकरण को बढ़ावा देगा, जबकि सरकार का तर्क है कि इसका उद्देश्य विश्वस्तरीय निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना को सुगम बनाना है।
यह विषय बैंक पीओ, आईबीपीएस, एसबीआई, आरबीआई ग्रेड बी और एसएससी जैसी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इसमें राज्यपाल की शक्तियों, विधायी प्रक्रिया और शिक्षा नीति जैसे संवैधानिक पहलुओं पर प्रकाश डाला गया है। राज्यपाल द्वारा विधेयकों पर आरक्षण, स्वीकृति या पुनर्विचार की शक्ति का प्रयोग संविधान के अनुच्छेद 200 और 201 के तहत किया जाता है, जो संघीय ढांचे और राज्य-केन्द्र संबंधों को दर्शाता है। इसके अतिरिक्त, शिक्षा से संबंधित नीतियां और उनके सामाजिक-आर्थिक प्रभाव भी परीक्षाओं में पूछे जाने वाले महत्वपूर्ण विषय हैं।
स्रोत: The Hindu
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