प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance
नमस्ते योजना, जिसे राष्ट्रीय मशीनीकृत स्वच्छता इकोसिस्टम कार्रवाई योजना (NAMASTE) के नाम से भी जाना जाता है, केंद्र सरकार की एक प्रमुख पहल है जिसका उद्देश्य स्वच्छता कर्मियों की सुरक्षा, गरिमा और आजीविका सहायता को सुदृढ़ करना है। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा संचालित इस योजना के अंतर्गत अब तक 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 90,186 सीवर और सेप्टिक टैंक कर्मियों का सत्यापन किया जा चुका है, जिनमें 86,468 पुरुष, 3,713 महिलाएं और 5 ट्रांसजेंडर व्यक्ति शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, 34 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 2,51,756 कचरा बीनने वालों का प्रोफाइल तैयार किया गया है, जिनमें 1,35,233 पुरुष, 1,16,498 महिलाएं और 25 ट्रांसजेंडर व्यक्ति शामिल हैं। योजना के तहत हितधारकों को 87,008 से अधिक व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (पीपीई) किट और 753 आपातकालीन प्रतिक्रिया स्वच्छता इकाई सुरक्षा उपकरण सेट वितरित किए गए हैं। साथ ही, 27,034 स्वास्थ्य बीमा ई-केवाईसी प्रक्रियाएं पूरी की गई हैं, 5,449 व्यावसायिक प्रशिक्षण आयोजित किए गए हैं, और 1,841 कार्यशालाएं आयोजित की गई हैं। यह योजना न केवल स्वच्छता कर्मियों के लिए सुरक्षा और गरिमा सुनिश्चित करती है, बल्कि उनकी आजीविका और सामाजिक सुरक्षा में भी महत्वपूर्ण सुधार लाने का प्रयास कर रही है।
नमस्ते योजना का महत्व बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के दृष्टिकोण से अत्यंत प्रासंगिक है। यह योजना शासन प्रणाली में सामाजिक न्याय और समावेशन के सिद्धांतों को लागू करने का एक उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करती है, जो राजनीति और शासन विषयों के पाठ्यक्रम में शामिल है। इसके अतिरिक्त, यह योजना स्वच्छता अवसंरचना के विकास और सार्वजनिक स्वास्थ्य के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
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