प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity
**मद्रास उच्च न्यायालय ने तमिलनाडु विधानसभा अध्यक्ष के छह एआईएडीएमके विधायकों के इस्तीफे स्वीकार करने के फैसले को बरकरार रखा है।** न्यायमूर्ति सुश्रुत अरविंद धर्माधिकारी और न्यायमूर्ति जी. अरुल मुरुगन की पीठ ने स्पष्ट किया कि विधायकों द्वारा 26 मई से 29 जून 2026 के बीच दिए गए इस्तीफे स्वैच्छिक और संविधान की दसवीं अनुसूची के प्रावधानों के अनुरूप थे। न्यायालय ने यह भी माना कि अध्यक्ष को इस्तीफे की सत्यता की जांच के लिए विस्तृत जांच की आवश्यकता नहीं थी, हालांकि उन्होंने सीमित जांच अवश्य की थी। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि इस्तीफे स्वीकार करना और चार विधायकों के खिलाफ चल रही अयोग्यता की कार्यवाही अलग-अलग संवैधानिक प्रक्रियाएं हैं। न्यायालय ने अध्यक्ष को दो महीने के भीतर अयोग्यता की कार्यवाही पूरी करने का निर्देश दिया है, जबकि इस्तीफे स्वीकार करने के फैसले को बरकरार रखा गया।
**इस मामले का महत्व बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी परीक्षाओं के लिए अत्यंत प्रासंगिक है।** संविधान की दसवीं अनुसूची, जो दलबदल विरोधी कानून से संबंधित है, का उल्लेख अक्सर राजनीतिक घटनाओं के संदर्भ में किया जाता है। इस मामले में उच्च न्यायालय द्वारा दिए गए निर्देश, जैसे कि अध्यक्ष की भूमिका, अयोग्यता की कार्यवाही की समय-सीमा और न्यायिक हस्तक्षेप के अधिकार, संविधान के अनुच्छेद 226 (रिट क्षेत्राधिकार) के तहत न्यायिक सक्रियता को रेखांकित करते हैं। बैंकिंग परीक्षाओं में अक्सर संवैधानिक संस्थाओं की भूमिका और उनके अधिकार क्षेत्र से संबंधित प्रश्न पूछे जाते हैं, जबकि एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी में राजनीतिक घटनाओं के संवैधानिक पहलुओं पर ध्यान केंद्रित किया जाता है। इस मामले से संबंधित तथ्यों का अध्ययन करने से उम्मीदवारों को संविधान के व्यावहारिक अनुप्रयोग और न्यायिक निर्णयों के महत्व को समझने में मदद मिलेगी।
स्रोत: The Hindu
शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।


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