
✎ एनईपी 2020 के तहत एनसीईआरटी पाठ्यक्रम में व्यापक सुधार एवं जन भागीदारी से तैयार किया गया।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance
राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के अनुरूप एनसीईआरटी द्वारा जारी राष्ट्रीय पाठ्यक्रम संरचना (एनसीएफ-एफएस 2022 एवं एनसीएफ-एसई 2023) देश की शिक्षा प्रणाली में क्रांतिकारी बदलाव लाने का प्रयास है। इसमें आधारभूत स्तर से लेकर माध्यमिक शिक्षा तक के पाठ्यक्रम लक्ष्यों, दक्षताओं, अधिगम परिणामों एवं मूल्यांकन विधियों को पुनर्परिभाषित किया गया है। राष्ट्रीय संचालन समिति द्वारा विभिन्न हितधारकों—शिक्षकों, अभिभावकों, विद्वानों एवं आंगनवाड़ी कर्मियों—से व्यापक जन परामर्श के बाद तैयार की गई ये संरचनाएं शिक्षा को समावेशी, कौशल-आधारित एवं रोजगारोन्मुख बनाने पर जोर देती हैं। एनसीईआरटी ने इन दिशानिर्देशों के आधार पर कक्षा 1-9 के लिए नई पाठ्यपुस्तकों के साथ बालवाटिका के लिए ‘जादुई पिटारा’ जैसे संसाधन भी विकसित किए हैं, जिनमें संवैधानिक मूल्यों, लैंगिक संवेदनशीलता एवं भाषाई विविधता को प्रमुखता दी गई है।
यह नीति बैंकिंग, एसएससी एवं आरबीआई ग्रेड बी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अत्यंत प्रासंगिक है, क्योंकि इससे संबंधित प्रश्नों में राष्ट्रीय शिक्षा प्रणाली में सुधार, कौशल विकास एवं नवाचार पर ध्यान केंद्रित किया जा सकता है। उदाहरण के लिए, एनईपी 2020 में प्रस्तावित बहुभाषावाद, डिजिटल शिक्षा एवं मूल्यांकन सुधारों का उल्लेख परीक्षाओं में किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त, एनसीईआरटी पाठ्यक्रम में शामिल समावेशिता एवं संवैधानिक मूल्यों पर आधारित प्रश्न भी पूछे जा सकते हैं। इस प्रकार, इस नीति के तहत विकसित पाठ्यक्रम संरचना न केवल शिक्षा क्षेत्र में, बल्कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए भी महत्वपूर्ण है।
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
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