✎ मुस्लिम महिलाओं को विरासत में समान अधिकार मिलने चाहिए, जो संविधान के समानता के अधिकार के अनुरूप हो।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity
सुप्रीम कोर्ट ने मुस्लिम पर्सनल लॉ के तहत विरासत और उत्तराधिकार के नियमों में लैंगिक असमानता को चुनौती देने वाली जनहित याचिका पर केंद्र सरकार से जवाब मांगा है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि मुस्लिम महिला उत्तराधिकारियों को पुरुषों की तुलना में आधा हिस्सा मिलता है तथा उन्हें पैतृक और पारिवारिक संपत्ति में समान अधिकार नहीं मिलते। शीर्ष अदालत ने इस मामले में कानून एवं न्याय मंत्रालय तथा युवा मामले और खेल मंत्रालय को नोटिस जारी किया है। याचिकाकर्ता ने मुस्लिम पर्सनल लॉ (शरीयत) एप्लीकेशन एक्ट, 1937 की वैधानिक मान्यता पर सवाल उठाते हुए इसे संविधान के अनुच्छेद 14, 15 और 21 का उल्लंघन बताया है। अदालत ने इस मामले में सुनवाई के लिए सहमति जताई है तथा मुस्लिम महिलाओं को समान अधिकार दिलाने के लिए कानूनी रास्ता तलाशने की मांग की गई है।
यह मामला बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी परीक्षाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि इसमें संवैधानिक अधिकारों, लैंगिक समानता और व्यक्तिगत कानूनों के दायरे में नागरिक अधिकारों के प्रश्न शामिल हैं। परीक्षा में इस तरह के मुद्दों से संबंधित प्रश्न संविधान के भाग-3 (मौलिक अधिकार), न्यायपालिका की भूमिका, तथा कानून और समाज के अंतर्संबंधों पर केंद्रित हो सकते हैं। इसके अतिरिक्त, यह मुद्दा समान नागरिक संहिता जैसे विषयों से भी जुड़ा हुआ है, जो हाल के वर्षों में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में बार-बार पूछा गया है।
स्रोत: amarujala.com
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