✎ तमिलनाडु में एससी/एसटी छात्रवृत्ति योजनाओं का अपर्याप्त प्रचार योग्य विद्यार्थियों को वंचित कर रहा है, जिससे शिक्षा में असमानता बढ़ रही है।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance
**एआईएडीएमके और डीएमके सरकारों ने तमिलनाडु में एससी/एसटी छात्रवृत्ति योजनाओं का अपर्याप्त प्रचार किया: सीएजी रिपोर्ट**
कंप्ट्रोलर एंड ऑडिटर जनरल (सीएजी) की रिपोर्ट के अनुसार, तमिलनाडु में पूर्व मुख्यमंत्री ई.के. पलानीस्वामी (एआईएडीएमके) और एम.के. स्टालिन (डीएमके) सरकारों ने अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति (एससी/एसटी) के छात्रों के लिए छात्रवृत्ति योजनाओं का अपर्याप्त प्रचार किया, जिससे पात्र विद्यार्थियों को लाभ नहीं मिल सका। 2017-23 के दौरान किए गए प्रदर्शन लेखा परीक्षा में पाया गया कि आठ जिलों के स्कूलों में 46% और 39% विद्यालयों ने क्रमशः प्री-मैट्रिक और पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजनाओं का लाभ नहीं उठाया। एससी विद्यार्थियों में 21% से 52% और एसटी विद्यार्थियों में 35% से 55% तक पात्र लाभार्थियों को योजनाओं से बाहर रखा गया। इसके अतिरिक्त, 2017-22 के बीच 2,901 विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति मिलने के बाद अगले वर्ष ड्रॉपआउट कर दिया गया, जबकि 2,569 आवेदनों में आय एवं जाति प्रमाण पत्र गायब पाए गए।
**प्रमुख कमियाँ एवं सुझाव**
रिपोर्ट में छात्रवृत्ति भुगतान में देरी (36,510 मामलों में ₹7.28 करोड़), ₹1.61 करोड़ की राशि लाभार्थियों के खाते में न पहुंचने (3,530 मामले), तथा एससीसी विद्यार्थियों को गलत तरीके से 60% केंद्रीय हिस्से का भुगतान (₹3.64 करोड़) जैसी कमियाँ उजागर की गईं। सीएजी ने सरकार को निर्धनतम पात्र परिवारों की पहचान, प्रवेश प्रक्रिया में पारदर्शिता, तथा समय पर भुगतान सुनिश्चित करने की सिफारिश की। यह रिपोर्ट बैंकिंग, एसएससी एवं आरबीआई ग्रेड बी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण है,
स्रोत: The Hindu
शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।


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