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Homegrown semiconductor startups raise $206 million since 2022: Report — concept mind map
सेमीकंडक्टर स्टार्टअप्स को फंडिंग चक्र2022 से शुरुआत$206 मिलियन2024 में फंडिंग दौर16 दौर2025 में गिरावट13 दौर2026 में तेजीH1 में $61.9 मिलियननिवेशकों की रुचिपरिपक्व स्टार्टअप्स
सेमीकंडक्टर स्टार्टअप्स को फंडिंग चक्र

✎ 2022 से घरेलू सेमीकंडक्टर स्टार्टअप्स ने $206 मिलियन जुटाए, जिसमें सरकारी योजनाओं का बड़ा योगदान रहा।

प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Economy/Governance

भारत में घरेलू सेमीकंडक्टर स्टार्टअप्स ने 2022 से अब तक लगभग 206 मिलियन डॉलर (लगभग 17 अरब रुपये) जुटाए हैं, जिसमें 2026 की पहली छमाही में ही 61.9 मिलियन डॉलर शामिल हैं। यह रकम 2025 के पूरे साल के 76.6 मिलियन डॉलर का 81 प्रतिशत है। रिपोर्ट में बताया गया है कि निवेशकों का ध्यान उन कंपनियों पर केंद्रित हो रहा है जो उत्पाद विकास और व्यावसायीकरण के करीब पहुंच चुकी हैं, जबकि शुरुआती दौर की स्टार्टअप्स पर निवेश घट रहा है। सरकार के डिजाइन-लिंक्ड इंसेंटिव (डीएलआई) कार्यक्रम के तहत समर्थित 24 चिप-डिजाइन परियोजनाओं में से 14 ने बाद में उद्यम पूंजी जुटाई, जिसमें कुल 100.8 मिलियन डॉलर आए। इससे स्पष्ट होता है कि सरकारी योजनाओं और निजी निवेश के बीच तालमेल बढ़ रहा है, जो देश के सेमीकंडक्टर पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत कर रहा है।

यह विकास बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह भारत के तकनीकी आत्मनिर्भरता और आत्मनिर्भर भारत अभियान के अंतर्गत सेमीकंडक्टर क्षेत्र में हो रहे निवेश और नवाचार को दर्शाता है। सरकारी योजनाओं जैसे डीएलआई कार्यक्रम के माध्यम से स्टार्टअप्स को मिलने वाले समर्थन से देश में सेमीकंडक्टर निर्माण क्षमता बढ़ेगी, जो भविष्य में आयात निर्भरता कम करने और निर्यात बढ़ाने में मदद करेगी। इसके अलावा, इस क्षेत्र में बढ़ते निवेश से रोजगार सृजन और कौशल विकास को भी बढ़ावा मिलेगा, जो अर्थव्यवस्था के लिए दीर्घकालिक लाभकारी साबित होगा।

स्रोत: Business Standard


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